-बारिश के बीच हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा केदारनाथ
-अब तक 14,45,946 श्रद्धालु कर चुके बाबा के दर्शन
रुद्रप्रयाग। श्रावण माह के अंतिम सोमवार को श्री केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंचती रही। बारिश और बदलते मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। बोल-बम और हर-हर महादेव के जयघोष से केदारनाथ धाम और यात्रा मार्ग का वातावरण शिवमय बना रहा।
कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा केदार की नगरी पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने कठिन परिस्थितियों में यात्रा जारी रखी। धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। यात्रा प्रशासन के अनुसार इस वर्ष केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 14,45,946 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। श्रावण के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से यात्रा मार्ग और धाम में विशेष चहल-पहल रही।
मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर संबंधित विभागों की टीमें तैनात हैं और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए धाम में रहने, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। विभिन्न विभागों की टीमें मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं।
श्रावण के अंतिम सोमवार को केदारनाथ धाम में बाबा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का आलम यह रहा कि मौसम की चुनौती भी उनके कदम नहीं रोक सकी।
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