ऋषिकेश: पूज्य ब्रह्मचारी केशव स्वरूप जी के सानिध्य में ऋषिकेश त्रिवेणी घाट में दसविध स्नान के उपरांत पूज्य गुरुदेव भगवान ब्रह्मलीन जगतगुरु माधव आश्रम ज्योतिष पीठा बद्री का आश्रम जी की समाधि स्थल दंडिवाडा में श्रावणी उपक्रम सभी वैदिक ब्राह्मण के साथ में संपन्न हुआ।
श्रावणी उपाकर्म केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, ऋषि-स्मरण, वेदाध्ययन के प्रति संकल्प और सनातन संस्कारों के संरक्षण का पावन पर्व है। यह अवसर हमें अपने ऋषियों, आचार्यों और गुरु-परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
रक्षाबंधन का पर्व भी इसी पवित्र भावना को और व्यापक करता है। रक्षा-सूत्र केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि परस्पर प्रेम, विश्वास, कर्तव्य, संस्कार और सनातन मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। इस पावन अवसर पर पूज्य गुरुदेव अनंत श्री विभूषित ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम जी महाराज की पावन स्मृति एवं दिव्य गुरु-परंपरा को नमन करते हुए हम सभी संकल्प लें कि सनातन धर्म, संस्कृति, संस्कार और मानवीय मूल्यों की रक्षा एवं संवर्धन के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।