पुरुकुल के अन्तारा सीनियर लिविंग में गूंजे राजा रणधीर सिंह के संस्मरण, डॉक्यूमेंट्री के जरिए किया स्मरण

-प्रसिद्ध कलाकार पंडित साजन मिश्रा और रिच संस्था के संस्थापक आरके सिंह ने साझा किए भावुक संस्मरण

देहरादून। विरासत महोत्सव-2026 के अंतर्गत शनिवार को पुरुकुल स्थित अन्तारा सीनियर लिविंग में स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान रिच संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष आरके सिंह, प्रसिद्ध शास्त्रीय एवं लोक कलाकार पंडित साजन मिश्रा सहित कई विशिष्ट हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजा रणधीर सिंह के साथ बिताए गए पलों और उनसे जुड़ी यादों को साझा करते हुए वक्ताओं की आंखें नम हो गईं।

श्रद्धांजलि सभा में प्रसिद्ध कलाकार पंडित साजन मिश्रा ने स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह को विशाल हृदय वाला संवेदनशील व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनके साथ बिताए गए अमूल्य पल और यादें कभी भुलाई नहीं जा सकतीं। उन्होंने कहा कि राजा रणधीर सिंह जैसा व्यक्तित्व उनके जीवन में दोबारा देखने को नहीं मिला। उनके साथ शिकार पर जाने, हंसी-मजाक करने और विभिन्न विषयों पर बातचीत करने के प्रसंग आज भी उनकी स्मृतियों में जीवंत हैं। साजन मिश्रा ने कहा कि राजा रणधीर सिंह हमेशा दूसरों को खुश रखने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए तत्पर रहते थे। उनकी आत्मीयता और उदारता ने लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।

रिच संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा विरासत महोत्सव के मुख्य आयोजक आरके सिंह ने कहा कि स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह एक ऐसी शख्सियत थे, जिनका लोगों के प्रति गहरा लगाव और आत्मीयता थी। विरासत महोत्सव के प्रति भी उनका विशेष जुड़ाव था। उनकी भाषा शैली, हास्य-व्यंग्य और बातों को सहज एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत करने की कला हर किसी का मन मोह लेती थी।

आरके सिंह ने कहा कि राजा रणधीर सिंह के साथ बिताए गए अनेक यादगार पल आज भी उनके मन में ताजा हैं। उनके व्यक्तित्व की सहजता, अपनापन और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता उन्हें विशिष्ट बनाती थी। संगोष्ठी में अन्य वक्ताओं ने भी राजा रणधीर सिंह से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके योगदान और व्यक्तित्व को याद किया।

इस अवसर पर स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों पर आधारित एक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से उपस्थित लोगों ने उनके जीवन और स्मृतियों को फिर से अनुभव किया। वक्ताओं ने कहा कि राजा रणधीर सिंह का जाना एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय राजा रणधीर सिंह की पत्नी रानी विनीता सिंह को उनकी सहमति से विरासत का संरक्षक बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड वन विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी समीर सिन्हा, शास्त्रीय एवं लोक कलाकार स्वरांश मिश्रा, संस्था की संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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