धामी कैबिनेट की बैठक में 26 प्रस्ताव पास, युवाओं को सौगात, दिव्यांग छात्रों को राहत, अनुपूरक बजट को हरी झंडी

देहरादून। राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में करीब 7000 करोड़ का अनुपूरक बजट लाने को भी हरी झंडी दे दी। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 26 प्रस्तावों पर मुहर लगी। धामी कैबिनेट का फोकस युवाओं पर दिखा। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा का प्रस्ताव कैबिनेट ने पास कर दिया। वहीं, प्रदेश में साहसिक एवं पर्यावरणीय पर्यटन के नियोजित, सुरक्षित और सतत विकास के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन बनाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई।
इसके अलावा एक जिला, एक खेल योजना के तहत 14 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती का प्रस्ताव मंजूर हो गया। इसके तहत हर जिले की पहचान एक खेल से होगी। उसी के मुख्य प्रशिक्षक उस जिले में तैनात होंगे। निदेशालय में भी एक मुख्य खेल प्रशिक्षक की तैनाती होगी। बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी एवं विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित दिव्यांग छात्रों को उत्तराखंड बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। इन श्रेणियों के छात्रों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।
प्रदेश में लंबित स्टाम्प वादों के त्वरित निस्तारण के लिए एकमुश्त निपटारा यानी वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य स्टाम्प वादों का शीघ्र एवं पारदर्शी निस्तारण, राजस्व की वसूली और पक्षकारों को ब्याज एवं अर्थदंड की देयता में राहत प्रदान करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्टाम्प कलेक्टर एवं राजस्व परिषद के न्यायालयों में लगभग 3,600 स्टाम्प वाद लंबित हैं। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क व पुल निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया में बदलाव को मंत्रिमंडल ने सहमति दे दी। वर्तमान में द्वितीय चरण के अंतर्गत अलग-अलग स्टेज में पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवारों, पुलिया, नालियों एवं अन्य कार्यों की स्वीकृति दी जाती है। नई व्यवस्था में द्वितीय चरण के सभी कार्य एक ही स्टेज में स्वीकृत किए जाएंगे। इससे पहाड़ कटान के बाद आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य समय पर कराए जा सकेंगे और मार्गों को होने वाली क्षति कम होगी।
समान नागरिक संहिता (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। प्रदेश के 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे का पुनर्गठन प्रस्ताव पास किया गया। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीकृत किचन से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था होगी। उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर मुहर लगी। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2019-22 सदन पटल पर रखने को मंजूरी प्रदान की गई। निजी विवि अधिनियम में संशोधन, हरिद्वार के रुड़की में आरोग्यम विवि और बीएसएम विवि बनेंगे। मंजीरा देवी विश्वविद्यालय के परिनियम 2026 को मंजूरी मिली। आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के परिनियम 2026 को मंजूरी मिली, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2026 को विधेयक के रूप में लाने का प्रस्ताव पास किया गया। वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूर किया गया। विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पदों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग एवं घ कार्मिकों की सेवा विनियमावली को मंजूरी मिली। राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत होगी। उरेडा के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान उच्चीकृत करने को मंजूरी मिली। भरण-पोषण अनुदान योजना का नाम मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना करने का प्रस्ताव पास किया गया। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की निशुल्क कोचिंग योजना में आय सीमा दो लाख से बढ़ाकर आठ लाख होगी। खटीमा का राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत होगा और जन्नासरी के स्थान पर जौनसारी शब्द संशोधित कराने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति की जाएगी।

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