-अनुशासन, संघर्ष व धैर्य सफलता का आधारः डॉ. अनिल वर्मा
देहरादून। यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी के मुख्य आपदा प्रशिक्षण अधिकारी डॉ.अनिल वर्मा ने कहा कि जीवन में अनुशासन, संघर्ष एवं धैर्य का गुण सफलता का आधार है। इनमें से एक की कमी से भी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा उत्पन्न हो जाती है। डॉ. वर्मा डीएवी इंटर कॉलेज में एनसीसी एवं एनएसएस के सात दिवसीय संयुक्त समर कैंप के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य प्रशिक्षक छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को घर में देर तक सोते रहने अथवा घंटों मोबाइल फोन, टीवी या लैपटॉप देखने में अपना समय बर्बाद न करके अपनी ऊर्जा शारीरिक, बौद्धिक, मानसिक विकास की गतिविधियों व समाजसेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाएं। फास्ट फूड से बचें व सादापौष्टिक भोजन करें। नशा करने वालों अथवा समाजविरोधी तत्वों की संगति न करें।
इस अवसर पर शिविर संरक्षक प्रधानाचार्य डॉ. एस के. श्रीवास्तव ने शिविर को सफल बताते हुए कुशल संचालन हेतु प्रशिक्षकों डॉ. अनिल वर्मा, एनसीसी नेवल अधिकारी सुधीर पोखरियाल, एन एस एस अधिकारी डॉ. बेबीता सहोत्रा, श्रद्धा श्रीवास्तव, ज्योति कुमार तथा सतेंद्र कुमार को सम्मानित किया। यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी की तरफ से डॉ. अनिल वर्मा ने प्रधानाचार्य डॉ. एस के श्रीवास्तव को शॉल ओढ़ाकर, बैज लगाकर तथा पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही समस्त प्रवक्ताओं को भी अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष व प्रधानाचार्य डॉ. एस के श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मियों की लम्बी अवधि की छुट्टियां व्यक्तित्व विकास के लिए सर्वोत्तम समय होती हैं। कोई प्रोजेक्ट तैयार करना , संगीत, खेल, विज्ञान, रोजगार विषयक कौशल सीखना आदि, जिसमें समय की निरंतरता की आवश्यकता होती है, उसकी पूर्ति में विशेष भूमिका निभाती हैं।अतः ऐसा बहुमूल्य समय नकारात्मक कामों में व्यर्थ नहीं गवांना चाहिए। एनसीसी नेवल अधिकारी सुधीर पोखरियाल ने बताया कि शिविर के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिदिन सुबह प्रार्थना के उपरांत शारीरिक व्यायाम, दौड़, योग एवं प्राणायाम करवाया गया। स्मार्ट फोन और वीडियो गेम से बाहर निकालकर आउटडोर गेम्स खिलवाये गए। महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग व उपदेश, चित्रकला, सुलेख, देश -विदेश के समाचार, कविता पाठ, कविता लेखन, देशभक्ति के गीत आदि सिखाये गये। मुख्य प्रशिक्षक डॉ.अनिल वर्मा द्वारा आपदा प्रबंधन,अग्नि शमन, प्राथमिक चिकित्सा, ओआरएस सोल्यूशन बनाने, हाथ धोने व सीपीआर प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ ही रक्तदान -नेत्रदान – देहदान,ऐनीमिया,थैलासीमिया, डेंगू नियंत्रण, टी.बी.उन्मूलन, नशामुक्ति, रोड सेफ्टी,रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी व बिजली बचाने, तेल व ऊर्जा संरक्षण, ईट राइट इण्डिया (भारतीय भोजन की थाली), सिविक सेन्स तथा समाज एवं राष्ट्र सुरक्षा उपाय के प्रति जागरूक किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबीता सहोत्रा ने छात्राओं को विशेष सफाई रखने, आत्म सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने व आत्म निर्भर बनने सम्बन्धी जानकारियां दीं। अंग्रेजी प्रवक्ता श्रद्धा श्रीवास्तव ने अंग्रेजी सीखने और इंग्लिश स्पीकिंग में निपुणता हासिल करने तथा व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाये। राजनीति विज्ञान प्रवक्ता ज्योति कुमार ने जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए विपरीत परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक नियंत्रित करने के तरीकों की जानकारी दी। जीआईसी क्वानू में प्रवक्ता सतेंद्र कुमार ने ष्स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का जीवन में विशेष महत्त्वष् के प्रति जागरूक किया। शिविर में टीम लीडर अंजलि चैहान के नेतृत्व में दीप सिंह,अभय,मानसी कुमारी, गौरवी चैहान, वंशिका,अंशिका, आकाश, अपूर्व, संजना, साक्षी, खुशी, अभय, चांदनी, तथा उपसन ने लोकगीतों के साथ ही देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किये। धन्यवाद ज्ञापन शिविर संयोजक व एनसीसी अधिकारी सुधीर पोखरियाल ने किया।
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