ऋषि परंपरा का पुनर्जागरण और संस्कृति का संरक्षण हमारी जिम्मेदारीः सुबोध उनियाल

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वस्ति भव धर्मार्थ न्यास द्वारा संचालित सनातन वैदिक पुरोहितध्आर्योपदेशक प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह और प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। शिविर को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, ऋषि परंपरा के पुनर्जागरण, सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने हेतु इस प्रकार के आयोजन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी हैं। हमारी सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति या आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक शाश्वत और वैज्ञानिक पद्धति है।
कैबिनेट मंत्री ने आज के आधुनिक युग में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समाज को सदाचार और अपने गौरवशाली अतीत से जोड़े रखने के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी युवा पीढ़ी इस वैज्ञानिक और आध्यात्मिक धरोहर को पूरी तरह आत्मसात करेगी, तभी एक सशक्त, समृद्ध और मूल्य-आधारित राष्ट्र का निर्माण संभव हो सकेगा। वेदों का यह व्यावहारिक ज्ञान ही आज वैश्विक कल्याण और मानवीय चेतना के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है। मंत्री उनियाल ने इस पुनीत कार्य, दूरदर्शी सोच और उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए श्स्वस्ति भव धर्मार्थ न्यासश् के सभी पदाधिकारियों, पूज्य आचार्यों एवं आयोजकों का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर अपनी इस अमूल्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने तथा इसे जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लें।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *